अफवाहों पर विराम लगाने की पहल, उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने जारी किया स्पष्टीकरण

IMG-20260726-WA0726

देहरादून। उत्तरांचल पंजाबी महासभा ने स्वयं को संगठन का संविधानसम्मत, विधिवत एवं मुख्यधारा का संगठन बताते हुए समाज के लोगों से भ्रामक प्रचार और तथ्यहीन बयानों से सावधान रहने की अपील की है। महासभा का कहना है कि उसका उद्देश्य पूरे पंजाबी समाज को एकजुट कर समाज और उत्तराखंड के हित में सकारात्मक वातावरण तैयार करना है। महासभा की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार संगठन के प्रतिनिधि हाल ही में गीता भवन में आयोजित पूर्व पदाधिकारियों एवं समाज के कुछ सदस्यों की बैठक में केवल समाज की एकता, संवाद और संगठन की मजबूती का संदेश लेकर पहुंचे थे।

संगठन के अनुसार बैठक में किसी प्रकार के विवाद, संगठन विरोधी गतिविधि अथवा समाचार पत्रों में प्रकाशित विषयों पर चर्चा नहीं हुई और प्रतिनिधियों के सकारात्मक विचारों का उपस्थित लोगों ने स्वागत किया। महासभा ने हरिश नारंग के समाचार पत्र में प्रकाशित बयान को भ्रामक, निराधार और व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा से प्रेरित बताते हुए उसकी निंदा की। संगठन ने कहा कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा के संबंध में “असंवैधानिक” या “दूसरा गुट” जैसे शब्दों का प्रयोग पूरी तरह तथ्यहीन और अनुचित है।
विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया

कि 23 जून 2026 को कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा की अध्यक्षता में आयोजित कोर कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से महासभा के पुनर्गठन को औपचारिक रूप दिया गया था। बैठक में करण मल्होत्रा को प्रदेश अध्यक्ष, राजकुमार फोटेला को प्रदेश महामंत्री, पी.एस. कोचर को प्रदेश कोषाध्यक्ष तथा बलदेव पाराशर को महानगर जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। नवगठित कार्यकारिणी ने पंजाबी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन, समाज की एकता और संगठन की मजबूती के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष राजीव भाई को पगड़ी पहनाकर एवं माल्यार्पण कर सम्मानित भी किया गया।

महासभा के अनुसार कार्यक्रम में विधायक शिव अरोड़ा, दर्जा राज्यमंत्री दिनेश मानसेरा, दर्जा राज्यमंत्री विश्वास डाबर, सुरेंद्र सिंह नामधारी, काशीपुर के मेयर दीपक बाली, मंजीत सिंह राजू, सुभाष सरीन, दीपक अरोड़ा, डी.एस. मान, राजीव सचर, वरिष्ठ उद्योगपति राकेश ओबराय सहित अनेक गणमान्य नागरिक और समाज के वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। महासभा ने समाज के सभी लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के भ्रम या भ्रामक प्रचार से प्रभावित न हों तथा समाज की एकता, भाईचारे और संगठन की मजबूती के लिए मिलकर कार्य करें।

संगठन ने कहा कि उसका उद्देश्य पूरे पंजाबी समाज को एक सूत्र में जोड़कर समाज और उत्तराखंड के हित में सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है।
विजय कथूरिया प्रदेश प्रचार प्रमुख, उत्तरांचल पंजाबी महासभा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *