तालिबन प्रमुख ने जारी किया तुगलकी फरमान

Mullah Hibatullah Akhundzada

अफगानिस्तान की सत्ता पर दोबारा काबिज (Mullah Hibatullah Akhundzada) होने के बाद से ही तालिबन द्वारा महिलाओं पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। एक बार फिर तालिबान द्वारा महिलाओं को लेकर तुगलकी फरमान जारी किया गया है। तालिबान के सर्वोच्च नेता ने महिलाओं के प्रति कड़े कदम उठाने की बात कही है।

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हिबतुल्ला अखुंदजादा ने जारी किया संदेश
तालिबान प्रमुख मुल्ला हिबतुल्ला अखुंदजादा (Mullah Hibatullah Akhundzada) ने सरकारी टीवी पर प्रसारित संदेश में कहा है कि जब हम महिलाओं को पत्थर मारकर मार देते हैं तो आप कहते हैं कि यह महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन है।

अफगानिस्तान में व्यभिचार के लिए लागू होगी सजा
हिबतुल्ला अखुंदजादा ने घोषणा की है कि हम जल्द ही व्यभिचार के लिए सजा लागू करेंगे। हम महिलाओं को सरेआम कोड़े मारेंगे और सार्वजनिक रूप से पत्थरों से मार-मार कर उन्हें मार डालेंगे।

तालिबान शासन में महिलाओं के अधिकारों के दमन के सवाल पर अखुंदजादा ने कहा कि ये सब आपके लोकतंत्र के खिलाफ हैं, लेकिन हम ऐसा करना जारी रखेंगे। हम दोनों कहते हैं कि हम मानवाधिकारों की रक्षा करते हैं। हम इसे भगवान के प्रतिनिधि के रूप में करते हैं और आप शैतान के प्रतिनिधि के रूप में करते हैं।

साल 2021 में हुई थी तालिबान की वापसी
बता दें कि अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी साल 2021 में हुई थी। तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद से ही तालिबान द्वारा महिलाओं के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए हैं। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, मई 2023 में 175 लोगों को कठोर नियमों के तहत सजा सुनाई गई है। इनमें 37 लोगों को पत्थर मारने की सजा दी गई थी। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि यह स्पष्ट नहीं है कि सजा पाने वाले लोगों में से कितनी महिलाएं थी