जनहित के मामलों में लापरवाही नहीं, डीएम ने अधिकारियों को किया निर्देशित

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देहरादून। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार, कलेक्ट्रेट में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति का विस्तृत आकलन करते हुए अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों का समयबद्ध, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासनिक कार्यप्रणाली में नवाचार, पारदर्शिता और तकनीक के अधिकतम उपयोग पर विशेष बल देते हुए कहा कि आमजन को बेहतर एवं त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में जिलाधिकारी ने निष्प्रयोज्य एवं अनुपयोगी शासकीय वाहनों की नीलामी प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।

साथ ही सभी कार्यालय परिसरों को डेंगू मुक्त बनाए रखने के लिए नियमित साफ-सफाई, जलभराव की रोकथाम तथा पानी की टंकियों की समयबद्ध सफाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ई-ऑफिस प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर देते हुए सभी विभागों को कार्यालयी कार्यों में डिजिटल प्रणाली का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान लंबित शिकायतों के शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक शिकायत का समाधान निर्धारित समयसीमा के भीतर किया जाए और अनावश्यक लंबित मामलों को तत्काल समाप्त किया जाए।

सड़कों पर गड्ढों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को तत्काल मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण एवं ध्वस्तीकरण अपशिष्ट (सी एंड डी वेस्ट) को सड़कों पर न रखने तथा ऐसे स्थलों की पहचान कर तत्काल मलबा हटाने के भी निर्देश दिए। बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने ऐसे असुरक्षित स्थलों की पहचान कराने के निर्देश दिए, जहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी को अभिभावकों एवं विद्यालयों के लिए बच्चों की सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश तैयार कर व्यापक स्तर पर प्रसारित करने के निर्देश दिए।

बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा एवं शहरी विकास से जुड़े कई नवाचार आधारित प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य क्षेत्र में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नवविवाहित दंपतियों हेतु ऑनलाइन संकल्प व्यवस्था, गर्भवती महिलाओं के लिए उपयोगी मोबाइल एप तथा अस्पतालों में प्रतीक्षा समय कम करने के लिए डिजिटल टोकन प्रणाली विकसित करने के सुझावों पर विचार किया गया। शिक्षा क्षेत्र में विद्यालयों में मंदारिन भाषा शिक्षण की संभावनाओं तथा विद्यार्थियों के लिए पॉक्सो अधिनियम, नशा मुक्ति और सामाजिक जागरूकता विषयों पर पाठ्यक्रम विकसित करने पर भी चर्चा हुई।

बैठक में निराश्रित पशुओं के बेहतर प्रबंधन के लिए आरएफआईडी चिप आधारित पहचान प्रणाली विकसित करने, सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं के लिए शी-टॉयलेट स्थापित करने तथा शहर के डार्क स्पॉट्स की पहचान कर वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने संबंधी प्रस्तावों पर भी कार्यवाही के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक विषय पर निर्धारित समयसीमा के भीतर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि जनहित से जुड़े कार्यों का लाभ समय पर आम नागरिकों तक पहुंच सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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