टिहरी झील सतत् पर्यटन विकास परियोजना की बैठक सम्पन्न

टिहरी गढ़वाल: डीएम नितिका खंडेलवाल (DM Nitika Khandelwal) की अध्यक्षता में टिहरी झील सतत् पर्यटन विकास परियोजना की बैठक आहूत की गई। टिहरी झील सतत पर्यटन विकास परियोजना के तहत किये जाने वाले कार्यों को एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) द्वारा आगामी छह साल में पूरा किया जाना है। जिलाधिकारी नितिका खंडेलवाल ने आधारभूत मूल्यांकन शुरू करने और मॉडल विलेज की तर्ज पर विकास कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि निर्माण एवं सौन्दर्यीकरण कार्यों में पहाड़ी शैली, रंग और आकृतियों पर विशेष ध्यान दिया जाए।

इससे पहले पर्यटन विशेषज्ञ आशीष कठैत ने बताया कि टिहरी झील पर्यटन विकास के तहत इस तर्ज पर कार्य किये जायेंगे कि यहां के पर्यावरण को कोई क्षति न पहुंचे। इसके लिए टिहरी टूरिज्म मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिसमे सभी तरह के सर्वे के बाद ही क्लस्टर विकसित होंगे। इस प्रोजेक्ट में कुल 19 डीपीआर बनने है, जिसमे अभी केवल 01 डीपीआर अनुबन्ध के माध्यम से दिया गया है, जिसमे टिहरी आईएसबीटी, सिटी सेंटर और व्यापारिक केंद्र का निर्माण होना है। दो डीपीआर जिसमें टूरिज्म रोड और डोबरा चांटी पार्क का निर्माण होना है, गतिमान है और बरसात के बाद कार्य शुरू हो जाएगा।

बाकी डीपीआर जिसमें टिपरी मदन नेगी रोपवे, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, बायो-डाइवर्सिटी पार्क, टिहरी ग्रीन प्रोजेक्ट, विलेज वाटर सप्लाई, हर्बल पार्क आदि शामिल है, की कार्यवाही गतिमान है। नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने अपने विचार व्यक्त करते हुए घाट के निर्माण, बच्चो के खेलने के लिए ऑडिटोरियम, टिहरी के इतिहास को दर्शाने के लिए म्यूजियम की आवश्यकता बताई। डीएफओ पुनीत तोमर ने वनीकरण, वृक्षारोपण और फारेस्ट ट्रेल्स से अवगत कराया। बैठक में एडीबी से संयुक्त निदेशक राजेश पंत, प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष कठैत, जीआईएस एक्सपर्ट इपशिता, अर्जुन सकलानी, रमन, गणेश, कम्यूनिटी डेवलपमेंट ऑफिसर मनीष नेगी, सामाजिक विशेषज्ञ शिवानी शुक्ला आदि मौजूद रहे।