देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड (Ankita Bhandari murder case) में कथित VIP की सुरक्षा और धामी सरकार की खामोशी के खिलाफ कांग्रेस ने गुरुवार को देहरादून में जोरदार मशाल जुलूस निकाला। युवा नेता रितेश छेत्री के नेतृत्व में नाथ वाटिका से चकराता रोड शुरू होकर किशन नगर चौक तक पहुंचा यह जुलूस सैकड़ों कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों से पट गया।
जुलूस में मशालें लहराते कार्यकर्ताओं ने गूंजते नारों से हंगामा बरपाया— ‘VIP का नाम उजागर करो, अंकिता को न्याय दो!’ और ‘CBI जांच कराओ, सिटिंग जज की निगरानी में!’। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा, “यह हत्या सत्ता के आशीर्वाद से हुआ अपराध है। सरकार उस VIP को बचाने के लिए चुप है, जिसके दबाव में बेटी की जान गई।”
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जोर देकर कहा, “अंकिता उत्तराखंड की बेटी थी। उसकी इज्जत लूटने वालों को कोई सत्ता नहीं बचा सकती। कांग्रेस तब तक आंदोलन जारी रखेगी, जब तक पूरा न्याय न मिले।” उन्होंने मांग की कि धामी सरकार मामले की CBI जांच सिटिंग जज की निगरानी में कराए और VIP का नाम सार्वजनिक करे।
कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर फौरन कार्रवाई न हुई तो आंदोलन सड़कों से विधानसभा तक फैलेगा। जुलूस में लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष संजय शर्मा, महापौर प्रत्याशी वीरेंद्र पोखरियाल, पूर्व महानगर अध्यक्ष लाल सिंह शर्मा, गरिमा मेहरा दसौनी, गोदावरी थापली, दीप बोरा, कोमल बोहरा, सुमित्रा ध्यानी, अभिनव थापर, प्रवीण त्यागी, महिपाल शाह, प्रीतम सिंह आर्य, पीयूष जोशी, कुलदीप जखमोला, नरेश गांधी, वंश समेत बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। कांग्रेस ने साफ कहा— यह लड़ाई बेटियों के सम्मान की है, राजनीति की नहीं।