टिहरी गढ़वाल: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के तहत मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल की उपस्थिति में कलेक्ट्रेट परिसर, टिहरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद किया। इस अवसर पर कलेक्ट्रेट परिसर सहित जनपद के सभी विकासखंडों में महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री के लिए स्टॉल लगाए गए।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं से उनके समूहों द्वारा संचालित गतिविधियों, तैयार किए जा रहे स्थानीय उत्पादों, बिक्री की स्थिति तथा व्यवसाय में आ रही चुनौतियों की जानकारी ली और उनका उत्साहवर्धन किया। टिहरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विकासखंड चंबा के नागराजा स्वयं सहायता समूह की महिला सीमा भंडारी से संवाद किया। सीमा भंडारी ने बताया कि समूह में 10 महिलाएं हैं, जो ऑर्गेनिक आउटलेट का संचालन कर मसाले, रोजमेरी सहित विभिन्न जैविक उत्पाद तैयार कर रही हैं।
समूह का वार्षिक कारोबार करीब 9 से 10 लाख रुपये है तथा समूह से जुड़ी सभी महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। समूह की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सराहना करते हुए कहा कि टिहरी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। टिहरी झील एवं आसपास आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह अपने उत्पादों को ऐसे आयोजनों एवं आउटलेट के माध्यम से पर्यटकों तक पहुंचाकर बेहतर आय अर्जित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी बांध और टिहरी झील के कारण बड़ी संख्या में देश-विदेश के पर्यटक जिले में पहुंचते हैं। स्थानीय उत्पादों को पर्यटन एवं बड़े बाजार से जोड़कर ग्रामीण महिलाओं की आय और आजीविका को और मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। परियोजना प्रबंधक डीआरडीए ज्योति ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से सीधे संवाद कर उनके कार्यों की जानकारी ली गई और उनका उत्साहवर्धन किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए बेहतर मंच मिलता है तथा उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के अवसर बढ़ते हैं।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, परियोजना प्रबंधक डीआरडीए ज्योति तथा जिला विकास अधिकारी मोहम्मद असलम सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की जानकारी ली तथा स्थानीय उत्पादों की खरीदारी कर उनका उत्साहवर्धन किया।