गुरु का स्थान सर्वोच्च, ज्ञान से समाज को नई राह दिखाते शिक्षक

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देहरादून। मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय संगठन की ओर से शिक्षक दिवस के अवसर पर नेहरू कॉलोनी, धर्मपुर में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को ‘श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान’ से सम्मानित कर उनके योगदान को नमन किया गया। समारोह के गौरव पिछड़ा वर्ग आयोग कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री अशोक वर्मा रहे, जबकि प्राइवेट कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ समाजसेवी सुनील अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संगठन के अध्यक्ष सचिन जैन, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सुभाष चंद्र शतपथी सहित संगठन के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
इस अवसर पर डॉ. पूजा नौडियाल, डॉ. नीतू पांडे, डॉ. अनुपमा सिंह, डॉ. ज्योति जुयाल पंत, प्रिया चंदोला, समता ग्रोवर, बबीता जैन, वंदना कंबोज और द्विप्रीत कौर को शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘श्रेष्ठ शिक्षक सम्मान’ प्रदान किया गया।

गुरु से बड़ा कोई नहीं
समारोह के गौरव अशोक वर्मा ने सभी सम्मानित शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वोच्च माना गया है। उन्होंने संत कबीर के प्रसिद्ध दोहे का उल्लेख करते हुए कहा— “गुरु गोविंद दोऊ खड़े, काके लागू पाय। बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो बताय।” उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान देने का कार्य नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य का निर्माण करते हैं।

मुख्य अतिथि सुनील अग्रवाल ने शिक्षक दिवस एवं जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता-पिता हमें जन्म देते हैं और हमारा पालन-पोषण करते हैं, लेकिन जीवन जीने की कला शिक्षक सिखाते हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ सही-गलत की पहचान, संस्कार, नैतिक मूल्य और जीवन में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि शिक्षक उस दीपक के समान हैं, जो स्वयं जलकर दूसरों के जीवन को प्रकाशमान करता है। साथ ही वे कुम्हार की तरह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व को अनुशासन और मार्गदर्शन से आकार देते हैं। उन्होंने कहा कि आज इंटरनेट और तकनीक के माध्यम से जानकारी आसानी से उपलब्ध है, लेकिन संस्कार, मानवीय मूल्य और सही दृष्टिकोण प्रदान करने में शिक्षक की भूमिका का कोई विकल्प नहीं हो सकता।

शिक्षक का प्रोत्साहन विद्यार्थी के जीवन की दिशा बदलने की क्षमता रखता है। कार्यक्रम के दौरान संगठन की गतिविधियों एवं आगामी कार्यक्रमों की जानकारी सदस्यों के साथ साझा की गई। संगठन के अध्यक्ष सचिन जैन ने संगठन की वर्तमान गतिविधियों को सामने रखते हुए भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सुभाष चंद्र शतपथी ने शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके योगदान की सराहना की।

इस अवसर पर संगठन के सभी सदस्यों को आईडी कार्ड भी वितरित किए गए। संगठन को और अधिक मजबूत एवं व्यापक बनाने, नए सदस्यों को संगठन से जोड़ने तथा सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने को लेकर पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सुझाव दिए। कार्यक्रम का संचालन प्रदेश अध्यक्ष मधु जैन ने किया, जबकि महानगर अध्यक्ष रचना जैन ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों का स्वागत अंगवस्त्र पहनाकर किया।

समारोह में प्रदीप नागलिया, शेफाली जैन, धीरज ग्रोवर, हरि ओम ‘ओमी’, मनीष अरोड़ा, तनुजा सिंह, ज्योति जैन, संगीता जैन, पार्षद विवेक कोठारी, जितेंद्र डंडोना, एसपी सिंह सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

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