धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय, नरेंद्र नगर में न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी ने की लोक सुनवाई

Dharmanand Uniyal Government College

नरेंद्र नगर (टिहरी गढ़वाल): उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग(uksssc exam) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय प्रतियोगी परीक्षा 2025 (Graduate Level Competitive Exam 2025) में हुई कथित अनियमितताओं की जांच के क्रम में गठित एक सदस्यीय जांच आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी ने शुक्रवार को धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय, नरेंद्र नगर(Dharmanand Uniyal Government College) में लोक सुनवाई (जन संवाद) का आयोजन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. यू.सी. मिठानी तथा वाणिज्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. राजपाल सिंह रावत द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ध्यानी ने छात्रों एवं प्राध्यापकों से उनके अनुभव, सुझाव और शिकायतें सुनीं। उन्होंने कहा कि आयोग का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा ताकि भविष्य की चयन प्रक्रिया और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाई जा सके।

कार्यक्रम का संचालन पत्रकारिता एवं जनसंपर्क विभाग के डॉ. विक्रम बर्त्वाल द्वारा किया गया। न्यायमूर्ति ध्यानी का स्वागत विभागाध्यक्ष डॉ. सर्चना सर्चदेवा, डॉ. विक्रम बर्त्वाल, विशाल त्यागी एवं कल्पना त्यागी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर किया। फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी का कार्य विशाल त्यागी द्वारा किया गया, जबकि मीडिया कवरेज डॉ. सर्चना सर्चदेवा के निर्देशन में संपन्न हुई। कार्यक्रम में पत्रकारिता विभाग की छात्राएँ — शिल्पी, भावना, निकिता, रूपा, कल्पना और रंजना — ने सक्रिय भागीदारी निभाई तथा अतिथियों के स्वागत एवं समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. सर्चना सर्चदेवा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. यू.सी. मिठानी एवं डॉ. राजपाल सिंह रावत ने न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, छात्र-छात्राएँ एवं कर्मचारीगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।