देहरादून : केंद्र और राज्य सरकार के सख्त निर्देशों का पालन करते हुए देहरादून जिला प्रशासन ने (Firearm license holders) शस्त्र लाइसेंस धारकों पर डंडा फेर दिया। 02 से अधिक शस्त्र रखने वाले 54 धारकों और एनडीएएल-एएलआईएस पोर्टल पर यूआईएन न जनरेट कराने वाले 773 धारकों के कुल 827 लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए। अतिरिक्त शस्त्रों को जब्त कर पोर्टल से हटा दिया गया है।
गृह मंत्रालय की 2019 की अधिसूचना के तहत आयुध अधिनियम में संशोधन कर एक व्यक्ति के लिए अधिकतम दो शस्त्रों की सीमा तय की गई है। उत्तराखंड सरकार के निर्देश पर जिला मजिस्ट्रेट के अनुमोदन से विशेष अभियान चलाया गया। 26 अप्रैल 2025 को 54 धारकों को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उन्होंने अतिरिक्त शस्त्र जमा नहीं किए। शूटिंग खेल प्रतियोगिता वाले लाइसेंसों को छोड़कर बाकी सभी निरस्त हो गए।
इसी तरह, राज्य सरकार के 2017, 2023 और 2025 के शासनादेशों के क्रम में बिना यूआईएन वाले लाइसेंसों पर कार्रवाई हुई। जिला प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्तियों के जरिए धारकों को बार-बार चेतावनी दी थी कि वे नवीन ऑनलाइन आवेदन करें, लेकिन 773 लाइसेंस अब भी लटके थे। इनके धारक अब आयुध नियम 2016 के तहत नया आवेदन कर सकते हैं।
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया, “कानून का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं। यह अभियान शस्त्रों के दुरुपयोग को रोकने और डिजिटल अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए है।” इस कदम से देहरादून में शस्त्र प्रबंधन व्यवस्था मजबूत होगी, लेकिन प्रभावित धारक नई प्रक्रिया अपना सकते हैं।