धरोहर संरक्षण के साथ तीर्थ यात्रियों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

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देहरादून। चारधाम यात्रा मार्ग पर धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के साथ तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के विस्तार की दिशा में बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने काम तेज कर दिया है। समिति की ओर से अधीनस्थ मंदिरों के जीर्णोद्धार के साथ पुराने विश्राम गृहों के पुनर्निर्माण और नए यात्री आवास विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों को चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा रहा है। इसके तहत मंदिरों के जीर्णोद्धार और धार्मिक विरासत के संरक्षण के साथ तीर्थयात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर के कोठा भवन के जीर्णोद्धार का दूसरा चरण चल रहा है।

वहीं तृतीय केदार तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य भी जल्द शुरू किया जाएगा। ज्योतिर्मठ स्थित सीतामाता मंदिर का चांई के दानी-दाताओं के सहयोग से पुनर्निर्माण प्रस्तावित है। बीकेटीसी के अनुसार केदारनाथ में ईशानेश्वर मंदिर तथा गुप्तकाशी स्थित विश्वनाथ मंदिर परिसर के भैरवनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इससे धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले स्थलों के संरक्षण को मजबूती मिली है।

यात्रियों के लिए विश्राम गृहों पर भी जोर
तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ऋषिकेश रेलवे रोड स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय चैला चेतराम विश्राम गृह के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव है। इसके अलावा बदरीनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव कर्णप्रयाग में भव्य यात्री विश्राम गृह विकसित करने का निर्णय लिया गया है। बीकेटीसी अध्यक्ष ने कहा कि मंदिरों की धार्मिक परंपरा और ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए तीर्थयात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है।

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