टिहरी: राजकीय महाविद्यालय खाड़ी में दिनांक 29 सितंबर 2026 को छात्र संघ परिषद का गठन शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। गठन प्रक्रिया के दौरान महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह, उमंग एवं सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। छात्र संघ परिषद के गठन की प्रक्रिया के अंतर्गत विभिन्न पदों के लिए छात्र-छात्राओं द्वारा प्रत्याशियों के नाम प्रस्तावित किए गए तथा अन्य विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तावित नामों का समर्थन किया गया। निर्धारित प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत विभिन्न पदों पर छात्र-छात्राओं का चयन किया गया।
छात्र संघ परिषद के अध्यक्ष पद पर तनिषा, बी.ए. पंचम सेमेस्टर, उपाध्यक्ष पद पर आयुषी नेगी, बी.ए. तृतीय सेमेस्टर, सचिव पद पर अभिषेक, बी.ए. पंचम सेमेस्टर, सह-सचिव पद पर सोनम, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर, कोषाध्यक्ष पद पर निधि, बी.ए. पंचम सेमेस्टर तथा सांस्कृतिक सचिव पद पर रुचि, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर का चयन किया गया।कार्यकारिणी सदस्य के रूप में शालिनी, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर, भूमिका, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर, आँचल राणा, बी.ए. पंचम सेमेस्टर, किरण, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर, मनप्रीत, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर एवं महेश, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर का चयन किया गया।
छात्र संघ परिषद के गठन की निर्वाचन प्रक्रिया का संचालन छात्र संघ निर्वाचन प्रभारी डॉ. अजीत सिंह द्वारा कराया गया। चुनाव प्रक्रिया को सुचारु एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में महाविद्यालय के शिक्षकगण डॉ. शन्नवर , डॉ. सीमा पांडे, डॉ. मीना, डॉ. संगीता बिजल्वान जोशी, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. ममता ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया।चुनाव व्यवस्था में महाविद्यालय के शिक्षणेतर कर्मचारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। छात्र संघ परिषद के गठन के दौरान विद्यार्थियों ने लोकतांत्रिक मूल्यों, अनुशासन, सहभागिता एवं उत्तरदायित्व की भावना का परिचय दिया।
अपने प्रतिनिधियों के चयन को लेकर छात्र-छात्राओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय की गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता एवं अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के प्रति प्रतिबद्धता भी प्रदर्शित की। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए. के. सिंह ने नवनिर्वाचित छात्र संघ परिषद के सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नवगठित छात्र संघ परिषद महाविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रमीय गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों के हितों तथा महाविद्यालय के विकास में सकारात्मक योगदान देगी।