देहरादून। देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी एवं टॉपर विद्यार्थियों ने सचिवालय में मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन से मुलाकात की। विधायक श्री विनोद कंडारी के नेतृत्व में भारत भ्रमण पर निकले विद्यार्थियों से मुख्य सचिव ने विभिन्न विषयों पर संवाद किया और अपने अनुभव साझा करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य सचिव ने विधायक विनोद कंडारी को क्षेत्र के मेधावी विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार की पहल शुरू करने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक अभिभावक की इच्छा होती है कि उनके बच्चे जीवन में बेहतर प्रदर्शन करें और आगे बढ़ें। विद्यार्थियों का पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन उनकी मेहनत और लगन का परिणाम है।
मेहनत से ही मिलेगी सफलता
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं है। किसी भी क्षेत्र में उपलब्धि हासिल करने के लिए मेहनत और निरंतर प्रयास जरूरी है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहते हुए लगातार सीखते रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर में तकनीक तेजी से बदल रही है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए स्वयं को अपडेट रखना और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना आवश्यक है। आज प्रतिस्पर्धा केवल गांव, क्षेत्र या विधानसभा तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर के विद्यार्थियों के साथ है। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानकर निरंतर स्वयं को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए।
मोबाइल और तकनीक का करें सदुपयोग
मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन और तकनीक के विवेकपूर्ण उपयोग की सलाह दी। उन्होंने कहा कि तकनीक के फायदे के साथ उसके कुछ दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं। इसका उपयोग किस प्रकार करना है, यह व्यक्ति पर निर्भर करता है। विद्यार्थियों को तकनीक का सदुपयोग करते हुए इसके नकारात्मक प्रभावों से बचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि जीवन में कोई गलती हो जाए या किसी परेशानी का सामना करना पड़े तो उसे माता-पिता और गुरुजनों के साथ जरूर साझा करें। उन्होंने बच्चों में बढ़ते तनाव और अवसाद जैसी समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि कई बार बच्चे सही और गलत के बीच अंतर नहीं कर पाते। ऐसे में माता-पिता, शिक्षकों और भरोसेमंद लोगों से बातचीत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण बातें माता-पिता से साझा करने की सलाह दी।
नशे से दूर रहें, मित्रों का चयन सोच-समझकर करें
मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और मित्रों का चयन सोच-समझकर करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे मित्रों के दबाव में आकर गलत आदतों का शिकार हो जाते हैं। विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार के गलत दबाव में आने से बचना चाहिए।
उन्होंने पढ़ाई के साथ अपनी रुचि के क्षेत्र में हॉबी विकसित करने पर भी जोर दिया। संगीत, गायन, खेल अथवा अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जुड़ने से मानसिक तनाव कम करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ जीवन में संतुलन बनाए रखना भी आवश्यक है।
लक्ष्य पर रखें पूरा फोकस
मुख्य सचिव ने विद्यार्थियों से कहा कि वे स्वयं पर विश्वास रखें और जीवन में जो भी लक्ष्य निर्धारित करें, उसे हासिल करने के लिए पूरी लगन से प्रयास करें। उन्होंने कहा कि मेहनत और लगन से व्यक्ति अपने जीवन की दिशा बदल सकता है।
भारत भ्रमण को विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अनुभव बताते हुए उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान उन्हें विभिन्न स्थानों, संस्कृतियों और लोगों को करीब से जानने का अवसर मिलेगा। इस उम्र में मिलने वाले ऐसे अनुभव जीवनभर याद रहते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से यात्रा के दौरान नई चीजें सीखने और इन अनुभवों को संजोकर रखने का आह्वान किया।
अन्य क्षेत्रों में भी शुरू हो ऐसी पहल
मुख्य सचिव ने विधायक विनोद कंडारी की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल अन्य क्षेत्रों में भी शुरू की जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार भी विद्यालयी एवं उच्च शिक्षा के छात्र-छात्राओं को भारत भ्रमण कराने के लिए प्रयास कर रही है।
इस अवसर पर विधायक विनोद कंडारी, सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, ज्योति यादव, उपाध्यक्ष ग्रामीण अभियंत्रण सेवा सलाहकार समिति जोत सिंह बिष्ट, अपर सचिव नमामि बंसल सहित शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी और देवप्रयाग विधानसभा क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।