विभाजन की त्रासदी को किया याद, देहरादून में शहीदों और पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि

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देहरादून। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर गुरुवार शाम छह बजे घंटाघर पर सर्व पंजाबी समाज के तत्वावधान में वर्ष 1947 की विभाजन त्रासदी में प्राणों का बलिदान देने वाले हुतात्माओं को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पंजाबी समाज की विभिन्न बिरादरियों, मंदिर एवं गुरुद्वारा समितियों, समाज के सरपरस्तों, वरिष्ठजनों, मातृशक्ति और युवाओं ने एकजुट होकर दीप एवं मोमबत्तियां जलाईं और विभाजन में दिवंगत हुए लोगों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम में कैंट विधायक  सविता कपूर, राज्यमंत्री  बलजीत सोनी, राज्यमंत्री  अशोक वर्मा, निदेशक गढ़वाल मंडल विकास निगम  ऋतु मित्रा, राज्यमंत्री  श्याम अग्रवाल,  राजेश सेठी, उत्तरांचल पंजाबी महासभा के संरक्षक एवं वरिष्ठ समाजसेवी-उद्योगपति  राकेश ओबराय, सरदार गुलजार सिंह, सरदार बलविंदर सिंह साहनी,  दविंदर बसीन, पार्षद  राजकुमार कक्कड़, पार्षद  कोमल वोरा, पार्षद  महिंदर कौर कुकरेजा,  सुरेंद्र कुकरेजा, पार्षद  संतोक नाथपाल, परचनार बिरादरी के संरक्षक  अनूप चंदन,  पंकज मैसोन, उत्तरांचल पंजाबी महासभा के महामंत्री  राजीव सच्चर,  गुरप्रीत चन्नी, वरिष्ठ समाजसेवी एवं भाजपा नेता मोंटी कोहली, अनिता मल्होत्रा,  अंजलि शर्मा,  बबीता सहोतरा,  प्रमोद मेहता,  डीएन दत्ता,  मनोज धवन,  सुरेंद्र घई, वरिष्ठ समाजसेवी  विवेक भंडारी, वरिष्ठ भाजपा नेता एवं समाजसेवी  राजेंद्र ढिल्लों,  विनोद कपूर, वरिष्ठ समाजसेवी  इंद्राणी पांधी, वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री  सोनिया आनंद, कांग्रेस के वरिष्ठ पंजाबी समाज नेता  सपरा,  चरणजीत नाथपाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं समाजसेवी मौजूद रहे।

उत्तरांचल पंजाबी महासभा के संगठन मंत्री  जीएस आनंद, कोषाध्यक्ष  पीएस कोचर, राज्य मीडिया प्रभारी  वीके कथूरिया,  अक्षित डाबर, पूर्व राज्यमंत्री  राजीव घई, महानगर महामंत्री  गोविंद मोहन, प्रेमनगर इकाई के अध्यक्ष  अमित भाटिया और  पुनीत सहगल सहित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन श्री गोविंद मोहन ने किया।

पूर्वजों के त्याग और संघर्ष को किया याद
वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन केवल भू-भाग का बंटवारा नहीं, बल्कि मानवता को झकझोर देने वाली भीषण त्रासदी थी। लाखों परिवारों को अपने घर-बार, व्यापार, खेत-खलिहान, संपत्ति और जन्मभूमि छोड़कर विस्थापित होना पड़ा। असंख्य लोगों ने यातनाएं सहीं और माताओं-बहनों को अकल्पनीय पीड़ा का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद पूर्वजों ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने शून्य से जीवन की नई शुरुआत की और अपने पुरुषार्थ, परिश्रम तथा संकल्प के बल पर परिवारों को पुनः स्थापित करने के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज पंजाबी समाज शिक्षा, सेना, स्वास्थ्य, उद्योग, व्यापार, सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

त्रासदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने का संकल्प
कार्यक्रम में कैबिनेट स्तर के राज्यमंत्री  विश्वास डाबर ने महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखते हुए कहा कि वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान हुए नरसंहार, विस्थापन और मानवीय त्रासदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उचित स्मरण एवं मान्यता मिलनी चाहिए।
सर्व पंजाबी समाज की ओर से इस ऐतिहासिक त्रासदी को संयुक्त राष्ट्र संघ के समक्ष रखने तथा औपचारिक प्रस्ताव भेजने का संकल्प व्यक्त किया गया। वक्ताओं ने कहा कि इससे विश्व समुदाय को विभाजन की त्रासदी से अवगत कराने के साथ आने वाली पीढ़ियों को अपने पूर्वजों के त्याग और संघर्ष से परिचित कराया जा सकेगा।

14 अगस्त को प्रेमनगर में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम
विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के क्रम में 14 अगस्त को प्रातः 10:30 बजे प्रेमनगर में प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेशभर से पंजाबी समाज के लोग शामिल होंगे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। शब्द-कीर्तन और हवन के माध्यम से विभाजन के दौरान बलिदान देने वाले हुतात्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
सर्व पंजाबी समाज एवं उत्तरांचल पंजाबी महासभा, जिला महानगर देहरादून की ओर से कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, समाज के सरपरस्तों, वरिष्ठजनों, मातृशक्ति, युवाओं एवं परिवारों का आभार व्यक्त किया गया।
विभाजन विभीषिका के सभी हुतात्माओं को शत-शत नमन। उनका बलिदान सदैव हमारी स्मृति में जीवित रहेगा।

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