देहरादून : भारत की अग्रणी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) में से एक, आईआईएफएल फाइनेंस ने आज घोषणा की है कि इसके डेडिकेटेड (समर्पित) गोल्ड लोन कारोबार ने देश भर में 3,000 शाखाओं का महत्वपूर्ण आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि लाखों वंचित ग्राहकों को समय पर, पारदर्शी और किफायती ऋण प्रदान करने की कंपनी की क्षमता को और मजबूत करती है। यह महत्वपूर्ण पड़ाव भारत के अंतिम छोर तक औपचारिक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने की आईआईएफएल फाइनेंस की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। इसके तहत उन छोटे उद्यमियों, व्यापारियों, किसानों, कारीगरों, स्वरोजगार करने वाले पेशेवरों और परिवारों को मदद मिलेगी, जिनकी संस्थागत ऋण तक पहुंच अक्सर सीमित होती है। ग्राहकों को उनके घरों में रखे सोने के मूल्य का उपयोग करने में सक्षम बनाकर, आईआईएफएल फाइनेंस उन्हें बिना किसी परेशानी के तेजी से वर्किंग कैपिटल प्राप्त करने में मदद कर रहा है।
आईआईएफएल फाइनेंस के गोल्ड लोन प्रमुख, श्री मयंक शर्मा ने कहा:”समर्पित गोल्ड लोन शाखाओं का 3,000 का आंकड़ा पार करना केवल नेटवर्क विस्तार से कहीं बढ़कर है। यह सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि हर मेहनती उद्यमी, किसान, व्यापारी और स्वरोजगार करने वाले व्यक्ति को समय पर संस्थागत ऋण मिल सके, चाहे वे कहीं भी रहते हों। पूरे भारत में, लाखों परिवारों के पास सोना है, लेकिन वे औपचारिक वित्तीय प्रणाली से वंचित हैं। हमारा बढ़ता हुआ ब्रांच नेटवर्क हमें इस भरोसेमंद घरेलू संपत्ति को उत्पादक पूंजी में बदलने में सक्षम बनाता है, जिससे ग्राहकों को अपना व्यवसाय बढ़ाने, मौसमी नकदी प्रवाह को प्रबंधित करने और अपनी वित्तीय जरूरतों को आत्मविश्वास के साथ पूरा करने में मदद मिलती है।
आईआईएफएल फाइनेंस में, हमारा मिशन औपचारिक ऋण को सुलभ, पारदर्शी और जिम्मेदार बनाना है। एक मजबूत फिजिकल ब्रांच नेटवर्क के साथ-साथ डिजिटल क्षमताओं, एआई-संचालित प्रक्रियाओं और मजबूत जोखिम प्रबंधन को जोड़कर, हम एक ऐसी गोल्ड लोन फ्रैंचाइज़ी बना रहे हैं जो भारत की वित्तीय समावेशन यात्रा को आगे बढ़ाते हुए गति, विश्वास और सुविधा प्रदान करती है।” आईआईएफएल फाइनेंस का यह गोल्ड लोन नेटवर्क उद्योग-अग्रणी सुरक्षा और गवर्नेंस मानकों, डिजिटल लोन ओरिजिनेशन, पेपरलेस ऑनबोर्डिंग और सख्त ऑडिट एवं जोखिम प्रबंधन प्रक्रियाओं द्वारा समर्थित है। उत्कृष्ट ग्राहक सेवा और शानदार संचालन को बनाए रखते हुए, कंपनी वंचित बाजारों तक अपनी पहुंच बढ़ाने के लिए पार्टनर-आधारित वितरण मॉडल के माध्यम से भी अपना विस्तार जारी रखे हुए है।