देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय स्थित अपने सभागार में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए कहा कि पर्यटन उत्तराखण्ड की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है। उन्होंने पर्यटन विभाग को आगामी पाँच वर्षों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित आउटकम इंडिकेटर्स को समयबद्ध तरीके से प्राप्त किया जा सके। मुख्य सचिव ने पर्यटन उत्पादों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रभावी पब्लिसिटी के बिना तय लक्ष्यों को हासिल करना कठिन होगा।
उन्होंने प्रचार-प्रसार के लिए वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही, नीती घाटी में आयोजित नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन-2026, आदि कैलाश हाई एल्टीट्यूड मैराथन, रिवर राफ्टिंग फेस्टिवल और विंटर कार्निवल जैसे आयोजनों की तर्ज पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्येक वर्ष निर्धारित समय पर पर्यटन आधारित कार्यक्रम आयोजित करने को कहा। उन्होंने पर्यटन के समग्र विकास के लिए शॉर्ट टर्म, मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही पर्यटन सर्किट एवं नए डेस्टिनेशन विकसित करने, आवश्यक आधारभूत सुविधाएं सुदृढ़ करने तथा हॉस्पिटैलिटी एवं पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश को बढ़ावा देने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार नए पर्यटन स्थलों का विकास किया जाए तथा समावेशी एवं टिकाऊ पर्यटन मॉडल अपनाकर संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने युवाओं के लिए गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रमों को संस्थागत स्वरूप देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए आईएचएम (इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट) का उपयोग किया जा सकता है। प्रशिक्षण मॉड्यूल ऐसे तैयार किए जाएं कि प्रशिक्षित युवाओं को उत्तराखण्ड ही नहीं, बल्कि देश और विदेश में भी रोजगार के अवसर प्राप्त हो सकें।
उन्होंने वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत विशेष प्रयास करने तथा प्रदेश में बढ़ती मांग को देखते हुए उपयुक्त स्थानों का चयन कर ग्लैंपिंग परियोजनाएं विकसित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव अभिषेक रोहिला सहित पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।