मोदी सरकार मनरेगा की ‘आत्मा’ खत्म कर रही : सैलजा

WhatsApp Image 2026-01-08 at 6.43.21 PM

देहरादून: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (All India Congress Committee) की महासचिव व उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा ने केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सिर्फ नाम बदलाव नहीं, बल्कि श्रमिकों के कानूनी अधिकारों की हत्या है। आज प्रदेश कांग्रेस की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने मनरेगा के प्रस्तावित बदलावों को ‘रोजगार न मिलने की गारंटी’ करार दिया। सैलजा ने स्पष्ट किया कि मूल मनरेगा मांग-आधारित कानूनी अधिकार था, जहां सरकार काम देने को बाध्य थी।

नया कानून इसे आपूर्ति-आधारित योजना बना देगा, जिसमें बजट व मापदंड केंद्र तय करेगा। इससे पंचायत प्रधानों के अधिकार समाप्त हो जाएंगे, विकेंद्रीकरण का स्वरूप नष्ट होगा। श्रम लागत का 90% केंद्र वहन करने वाला अनुपात अब अधिकांश राज्यों में 60:40 हो जाएगा (हिमालयी राज्यों के लिए 90:10), जो राज्यों पर वित्तीय बोझ डालेगा। साथ ही, चरम कृषि मौसम में 60 दिनों तक काम रोकने की छूट मजदूरों को जमींदारों पर निर्भर कर देगी। उन्होंने पूरे देश में विरोध की योजना सुनाई: 10 जनवरी को जिला-स्तरीय प्रेस वार्ताएं, 11 जनवरी को गांधी/अंबेडकर प्रतिमाओं के समक्ष धरना, तथा 12 जनवरी से 29 फरवरी तक पंचायत स्तर पर चौपाल।

इसके लिए पंपलेट ड्राफ्ट तैयार होगा, जो स्थानीय भाषाओं में अनुवादित होकर जन-जन तक पहुंचेगा। अंकिता भंडारी हत्याकांड पर सैलजा ने कहा, ‘नए खुलासों से देश स्तब्ध है। कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में CBI जांच तक लड़ाई जारी रहेगी।’ यह बयान उत्तराखंड में न्याय की लड़ाई को राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी बताते हुए आया। पत्रकार वार्ता पूर्व मीडिया चेयरमैन राजीव महर्षि ने संचालित की। इसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व सीएम हरीश रावत, प्रीतम सिंह, डॉ. हरक सिंह रावत, ममता राकेश समेत वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *